I am a Poet & Writer . मैं काव्य-संग्रह और मुक़्तक लिखता हूँ I मुझे लिखने में मज़ा आता है , धन्यबाद I
Saturday, July 11, 2020
बेहाल कर डाला
"बेहाल कर डाला"
बहुत थे मर गए भूखे
बहुत घर रह गए भूखे
बड़ी थी चाल कोरोना की
बहुत थे चल रहे भूखे
चारो ओर फ़ैला डर
पहली बार था देखा
हमारी आँखों ने देखा
तुम्हारी आँखों ने देखा
बहुत आकार था छोटा
बड़ों को ढेर कर डाला
हिला दी नींव दुनियाँ की
भयानक शोर कर डाला
जिसका था नाम कोरोना
सभी को बेहाल कर डाला
जरा से पास आने पर
धरा से दूर कर डाला
रचयिता
शिवम अन्तापुरिया
उत्तर प्रदेश
+91 9454434161
+91 9519094054
Wednesday, July 1, 2020
तेरे बिन थी सूनी गलियाँ
मेरे दिल के हिसाबों में बड़ी मुश्किल बड़ी मुश्किल
चलो अब तुम बनो मेरी सारी मुश्किलों के हल मुश्किलों के हल
शिवम अन्तापुरिया
तेरे बिन थी सूनी गलियाँ,नहीं कलियाँ बगीचे में !
तुम आए भरी गलियाँ,खिलीं कलियाँ बगीचे में !
बहुत आतीं रहीं यादें मगर सज़दा न हो पाया
मिलेंगे अब फ़िर हम सब, पुराने से सलीके में !
~ शिवम अन्तापुरिया
तुम्हारे जाने की खबर भी झूठी लगती है
हाँ पास आने की तुम्हारी आहट लगती है
~ @OshayarShivam
वर्षों से माँ-बाप के लहू से सींचा जो बाग जाता है
साहब! जरा से एक पल में उजड़ सा बाग जाता है
आज फ़िर से हूकूमत का चेहरा दूसरा देखा मैंने
चाईना की सरहदों पर जवानों का बहा अब खून जाता है
~ शिवम अन्तापुरिया
@yadavakhilesh
@R_Publishers
@myogiadityanath
@ErDhananjaysin3कहने के लिए जिंदगी शब्द बहुत छोटा है
मगर जिंदगी का पहलू बहुत बड़ा होता है
shivam antapuriyaदिखा कर हाथ की रेखा मुझे अपना बनाओगे
रूठ कर जा सकोगे न अपना दिल मेरे दिल में सजाओगे
शिवम अन्तापुरियाबहुत कुछ थे इरादे वो
नज़र आते हैं आधे वो
शिवम अन्तापुरियाउतरकर पानी में वो भी
नहाने रोज़ जाते हैं !
उम्मीदें तमाम लेकर वो भी
हमारे पास आते हैं !!
@DrKumarVishwas
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@yadavakhilesh @anoopgolu_HTL
@amarujalakavya
@Hindi_shabd_htl
@ErDhananjaysin3
@DhaniHarrison
@anamikamberबहाकर आँखों में आँसू ,तुम्हें क्या ढूँढ पाऊँगा
जखम में दर्द है जबतक, सुकूँ से सो न पाऊँगा
@anamikamber
@R_Publishers
@DrKumarVishwas
@rahatindori
@ErDhananjaysin3
जीवन
" जीवन "
हाँ केसर सा जीवन मिल जाए
तुम बिन फ़ूल कली खिल जाए
इस जीवन की हर बात बात में
यूँ कोयल मृदुल गीतिका गाए
सुन्दर उपवन जीवन का यौवन
चल चित्रों का है घोर समागम
हम मिलते हैं मिलकर रह जाएँ
चारो ओर है सुन्दर सा उपवन
शिवम अन्तापुरिया
उत्तर प्रदेश
Saturday, June 27, 2020
upar har baba ka parichay
"जीशुक बाबा का जीवन परिचय"
उन्नीसवीं सदी में यदुवंशी क्षत्रिय राजवंश कन्नौज राजघराने से चले श्री माखन सिंह के पुत्र श्री जीशुक बाबा जो उत्तर प्रदेश के ग्राम अन्तापुर पोस्ट हथूमा ब्लाक सन्दलपुर तहसील सिकन्द्रा जिला कानपुर देहात के जंगल के पास रमणीक स्थान है वही पर इनकी समाधी स्थल है,इन्होंने बंगाल में अपनी शिक्षा पूर्ण की जिसके कारण वो कई कलाओं में निपुण थे उनके समय में उनका नाम गंगा जमुना के बीच में प्रसिद्ध था और आज भी है पूरे प्रदेश के लोग उनके दर्शन करने आते हैं श्रद्धालुओं में उनके प्रति आस्था की मिशाल अब भी कायम है जो भी भक्त सच्चे मन से वहाँ समाधिस्थल पर आकर अपनी मन्नत माँगता है वो अवश्य पूरी होती है। बाबा के वंशावली में
श्री जीशुक बाबा के पुत्र प्रेम सिंह,धर्मू सिंह के पुत्र दुलारे सिंह, हरी लाल सिंह के पाँच पुत्र व
दुलारे सिंह के पाँच पुत्र हैं जिनमें रामप्रसाद सिंह त्यागी जी महाराज का कहना की जो भी इस स्थान आकर माथा टेकर जो भी फ़ल की कामना करता है उसे उस फ़ल की प्राप्ति अवश्य होती है।
बाबा के स्थान को "ऊपरहार बाबा" के नाम से भी जाना जाता है सबसे ज्यादा प्रचलित नाम भी "जय ऊपरहार बाबा" है बाबा के स्थान पर तीन समाधियाँ बनी हुईं हैं जिनमें जो बड़ी समाधि के सामने है वो उनके पुत्र की है व उनके बराबर पर बनी समाधि उनके सहपाठी कटियार बाबा की है पास में एक कुँआ भी है समाधि स्थल पर बरगद, पाखर के पेड़ों की घनघोर छाया लोगों का मन मोह लेती है बंगाल से विद्या सीखने के कारण इन्हें बंगाली बाबा भी कहा जाता है।
इनके चमत्कार के उदाहरण बताते हुए लोग नहीं थकते गाँव के लगभग सभी लड़कों का पहला मुंडन संस्कार बाबा के यहाँ ही होता है ....
Thursday, June 25, 2020
"देखना होगा"
"देखना होगा"
बची है जिंदगी जो भी
उसे भी काटना होगा
कोई एक रोज़ का होगा
कोई दो रोज़ का होगा
नफ़ा नुकसान दुनियाँ में
हजारों लाखों के होते
मगर सबसे बड़ा नुकसान
तो ये जान का होगा
लिखा कर माथे पे आए
उसे तो देखना होगा
लगीं जंज़ीर हाथों में
उन्हें भी तोड़ना होगा
मुशाफ़िर थे हम राहों के
मुशाफ़िर बन के आए हैं
किसी के साथ रहकर के
ये मंज़िल काटना होगा
रचयिता
शिवम अन्तापुरिया
उत्तर प्रदेश
Monday, June 8, 2020
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