Monday, June 8, 2020

झुनझुनवाला बिजनेस स्कूल अयोध्या से

श्री देव सुमन उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय पोखरी उत्तराखण्ड से मिला

हंसराज दिल्ली विश्व विद्यालय से मिला

विश्व हिन्दी संस्थान कनाडा से मिला

बेटियाँ क्यों बोझ


सदा क्यों बेटियों को लोग 
बनाए बोझ रहते हैं
 जबकि बेटियों के बिन 
सदा घर शून्य रहते हैं 

शिवम अन्तापुरिया

आप सभी का प्यार यूँ ही मिलता रहे 
साथ-साथ आप सब भी अच्छे दौर से गुजरते रहे 

शिवम अन्तापुरिया

पता है क्या अभी तुमसे मोहब्बत मैं नहीं करता 
जरा सी याद में तेरी मैं खुद से अब नहीं लड़ता
तेरे चंचल ये नैनों की छठा जब से दिखाई दी 
हाँ अक्सर याद से तेरी मेरा अब दिल नहीं डरता

सब कुछ बयाँ बेबयाँ हो गया
 संग उसके भी कुछ अब नया हो गया 
         ~ शिवम अन्तापुरिया

हर बात अलग ही रहती है 
 उसकी हर बातें सुर्खियों में रहती हैं 
~ शिवम अन्तापुरिया

पाकिस्तान मैत्री रखो

मैत्रीय सम्बन्ध रखो 
पाकिस्तान शांतिप्रिय बनो 

फ़ौज अपनी हटाओ तुम 
फ़ौज अपनी हटाएँ हम 
हाथ दोनों मिलाकरके 
दुनियाँ को दिखाए हम 

शिवम अन्तापुरिया

पाकिस्तान ले लेगा

तेरी हसरत रही थोड़ी ओ थोड़ी और दे देना 
रहे गर जान जब तक ये हमें पहचान दे देना 
*पाक ए दिल में बसता है शिवम को जान लो अब तुम* 
*किसी भी बात को लेकर ये पाकिस्तान ले लेगा*





मैत्रीय सम्बन्ध रखो 
पाकिस्तान शांतिप्रिय बनो 

फ़ौज अपनी हटाओ तुम 
फ़ौज अपनी हटाएँ हम 
हाथ दोनों मिलाकरके 
दुनियाँ को दिखाए हम 


सुनाएँ शांति वार्ता को 
सुनाएँ शान्त गीतों में 

 सुनना यूँ जरूरी है 
सुनाना भी जरूरी है 

किसी के जख्मों से जखम 
  कभी हैं भर नहीं जाते 
अधर में छोड़ कर उसको 
   कभी हैं हम नहीं जाते 

हाथ अब तुम बढा़ओ गर तो 
मैत्रीयता को निभाते हैं हम 

ये छुटपुट बातें तो घर में 
 सदा होती ही रहतीं हैं 

जरा सा अब भुलाओ तुम 
 जरा सा अब भुलाएँ हम 

किसी की भूमि ही ये है 
 किसी की मातृभूमि है 
सोचना एक ही है अब 
क्यों करते गोदें सूनी हैं 

ये सारा आसमाँ तेरा 
ये सारी मिट्टी भी तेरी 

एक कण ले न जाओगे 
भले कह डालो तुम सारा 
    ये सब विश्व है मेरा 


~ शिवम अन्तापुरिया 
    कानपुर उत्तर प्रदेश